नोएडा एयरपोर्ट के लिए आज से दौड़ेंगी सीधी बसें! यूपी के 8 जिलों को मिली बड़ी सौगात, पड़ोसी राज्यों का भी तैयार हुआ प्लान

ग्रेटर नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन शुरू होने के साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक परिवहन व्यवस्था भी लागू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने आज से प्रदेश के आठ प्रमुख जिलों से जेवर स्थित नोएडा एयरपोर्ट तक सीधी बस सेवा शुरू करने का फैसला लिया है। इसके लिए समय सारिणी भी जारी कर दी गई है।

नई व्यवस्था के तहत लखनऊ, आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस, मथुरा, अलीगढ़, एटा और कासगंज से सीधे नोएडा एयरपोर्ट तक बसें संचालित होंगी। अधिकारियों के अनुसार निर्धारित रूट और समय के अनुसार यात्री अपेक्षाकृत कम समय में एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे।

यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी देने की तैयारी

नोएडा एयरपोर्ट तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने विभिन्न परिवहन एजेंसियों और कंपनियों के साथ समझौते किए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के परिवहन विभागों के साथ भी बस संचालन को लेकर समन्वय स्थापित किया गया है।

उत्तर प्रदेश और हरियाणा से बस सेवाओं का संचालन 15 जून से शुरू किया जा रहा है, जबकि अन्य राज्यों की सेवाएं भी चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगी।

हरियाणा के कई शहरों से भी मिलेगी सीधी बस सुविधा

हरियाणा रोडवेज ने भी नोएडा एयरपोर्ट के लिए विशेष बस सेवाओं की तैयारी पूरी कर ली है। पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और चंडीगढ़ से सीधी बसें संचालित की जाएंगी, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी।

दिल्ली और उत्तराखंड से भी बनेगा सीधा संपर्क

दिल्ली के सराय काले खां, आनंद विहार और कश्मीरी गेट से भी नोएडा एयरपोर्ट के लिए सीधी बस सेवाओं की योजना तैयार कर ली गई है। इन रूटों की समय सारिणी जारी की जा चुकी है, हालांकि बस संचालन शुरू होने में अभी कुछ समय लग सकता है।

वहीं उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और हल्द्वानी से भी सीधे बस संचालन की प्रक्रिया चल रही है। संबंधित विभागों के अनुसार जल्द ही इन मार्गों पर भी सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।

नमो भारत और मेट्रो परियोजना से और मजबूत होगी कनेक्टिविटी

भविष्य में नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंच और अधिक आसान बनाने के लिए नमो भारत और मेट्रो परियोजना पर भी काम चल रहा है। प्रस्तावित 72 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में 22 स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है।

इसके अलावा गुरुग्राम को भी एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए अलग रूट प्रस्तावित किया गया है। यह लाइन सूरजपुर के पास मुख्य नेटवर्क से जुड़ेगी, जिससे दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।

रेलवे कनेक्टिविटी से देशभर तक सीधी पहुंच

भारतीय रेलवे भी एयरपोर्ट को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। चोला-रुंधी रेल लाइन परियोजना के तहत एयरपोर्ट के निकट एक नया रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा।

इस स्टेशन के शुरू होने के बाद यात्री वंदे भारत, राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों के जरिए उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु समेत देश के कई हिस्सों तक आसानी से यात्रा कर सकेंगे।

बोड़ाकी में बनेगा देश का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट हब

ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट हब विकसित करने की भी योजना है। यह हब सड़क, रेल और हवाई परिवहन को एक साथ जोड़ने का काम करेगा, जिससे क्षेत्र की लॉजिस्टिक्स क्षमता में बड़ा सुधार होगा।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का दावा है कि एयरपोर्ट के चलते क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ समेत कई जिलों में औद्योगिक और आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को गति मिली है। अनुमान है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में 70 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

 

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